फुटपाथ केवल कंक्रीट की एक पट्टी नहीं है; यह शहर में हर नागरक का सुरक्षत आवागमन का अधकार है। जब इस पर ठेले, दुकानों का सामान, खड़ी गाड़याँ या अवैध नमाण कब्जा कर लेते हैं, तो पैदल चलने वाले मजबूरन भागदौड़ वाली सड़कों पर उतरने को ववश हो जाते हैं।
फुटपाथ क्यों जरूरी है?
फुटपाथ बच्चों, बुजुग, दव्यांगों, स्कूल जाने वाले बच्चों और ऑफस जाने वालों के लए सुरक्षा की गारंटी देता है। सुप्रीम कोट ने स्पष्ट कया है क सुरक्षत और अतक्रमण-मुक्त फुटपाथ पर चलना नागरकों का मौलक अधकार है, जो जीवन के अधकार और घूमने-फरने की स्वतंत्रता से जुड़ा है। जब फुटपाथ बाधत होता है, तो पैदल यात्री सीधे वाहनों के बीच चलने के लए मजबूर होते हैं। यह सफ असु वधा नहीं, बिल्क जानलेवा खतरा है-खासकर उन इलाकों में जहाँ ट्रैफक तेज और सड़कें संकरी होती हैं।
अतक्रमण की असली कीमत
अतक्रमण केवल एक ठेला या दुकान का सामान बाहर रखना नहीं है। इसका असर पूरे इलाके पर पड़ता है:
● पैदल चलने की जगह सकुड़ जाती है।
● व्हीलचेयर, स्ट्रॉलर और बुजुग के लए रास्ता लगभग असंभव हो जाता है।
● लोग सड़क पर उतरते हैं, िजससे एक्सीडेंट का खतरा बढ़ता है।
● बस स्टॉप, जेब्रा क्रॉसंग और दुकानों तक पहु ँच कठन हो जाती है।
● नगर नगम की सफाई और रखरखाव व्यवस्था प्रभावत होती है।
दल्ली हाईकोट ने भी कहा है क फुटपाथ पैदल चलने वालों के लए बनाए जाते हैं और उन पर कब्जा नहीं कया जा सकता।
नकता घाग की पहल
मु ंबई की बांगुर नगर में फुटपाथ अतक्रमण के मुद्दे पर सामािजक कायकता और एक्ट्रेस नकता घाग ने जनजागरूकता अभयान चलाया है। उनकी पहल का उद्देश्य है क सावजनक रास्ते खुले, सुरक्षत और सभी नागरकों के लए सुलभ बने रहें। नकता घाग फाउंडेशन ने इस अभयान के जरए लोगों को यह समझाने की कोशश की है क फुटपाथ “लोगों के लए हैं, अतक्रमण के लए नहीं।” यह अभयान केवल हटाने की मांग तक सीमत नहीं है; इसका जोर नागरकों को अपने अधकारों के प्रत जागरूक करने और सावजनक जगहों की रक्षा करने पर है।
संतुलत समाधान क्या हो?
फुटपाथ खाली करना जरूरी है, लेकन इसका मतलब यह नहीं क रेहड़ी-पटरी वालों या छोटे दुकानदारों की आजीवका की अनदेखी की जाए। स्थानीय प्रशासन को उनके लए अलग, व्यविस्थत और कानूनी वें डंग जोन तय करने चाहए, ताक न तो पैदल यात्रयों का रास्ता बंद हो और न ही कसी का रोजगार छन जाए। भारतीय सड़क कांग्रेस की सफारशों में भी कम से कम 1.8 मीटर चौड़ा, बाधा-मुक्त पैदल माग और वेंडरों के लए अलग “फनचर जोन” शामल है। यही संतुलत शहरी नीत का रास्ता है।
हम सबकी िजम्मेदारी
फुटपाथ को साफ रखना सफ नगर नगम का काम नहीं है। नागरकों को भी गाड़ी फुटपाथ पर नहीं खड़ी करनी चाहए, दुकान का सामान रास्ते में नहीं रखना चाहए और अतक्रमण की शकायत संबंधत वाड अधकारी या नगर नगम से करनी चाहए। नकता घाग अपनी पुस्तक Roar Like a Lioness में भी नागरकों को आत्मवश्वास, िजम्मेदारी और सामू हक कारवाई का संदेश देती हैं-यही भाव सावजनक जगहों की रक्षा और फुटपाथों को अतक्रमण-मुक्त रखने के लए भी जरूरी है। एक सुव्यविस्थत शहर वही है जहाँ गाड़यों को रास्ता मले, लेकन पैदल चलने वालों को पहले सुरक्षा मले। फुटपाथ को वापस लोगों के लए छोड़ना ही एक सभ्य और जवाबदेह शहर की पहचान है।
